झारखंड
30 साल बाद हुआ गुरु-शिष्य मिलन, भावुक हुए शिक्षक और पूर्व छात्र
वक्त बदला, दूरियां बढ़ीं… लेकिन गुरु का सम्मान और शिष्यों का अपनापन आज भी कायम है।
हजारीबाग में शिक्षक दिवस के मौके पर देखने को मिला गुरु-शिष्य के रिश्ते का बेहद भावुक और यादगार मिलन।
मौका था करीब 30 साल बाद पुराने शिक्षकों और उनके पूर्व विद्यार्थियों के पुनर्मिलन समारोह का।
सालों बाद जब गुरु और शिष्य एक-दूसरे के सामने आए, तो स्कूल के दिनों की पुरानी यादें फिर से ताजा हो गईं।
समारोह में सीसी मंजू मैम, विजय सर, बैजनाथ सर, सत्य नारायण सर, पद्मा मैम, बिनोद राणा सर और उपाध्याय सर समेत कई गुरुजनों को सम्मानित किया गया।
वहीं बड़ी संख्या में पूर्व छात्र भी इस खास मौके पर पहुंचे और अपने शिक्षकों का आशीर्वाद लिया।
इस समारोह की सबसे खास और भावुक बात रही पूर्व छात्र विनोद कुमार की मौजूदगी।
बताया गया कि वे उस वक्त चीन में थे और उनकी एक महत्वपूर्ण मीटिंग तय थी। लेकिन गुरुजनों से मिलने की चाहत इतनी मजबूत थी कि उन्होंने अपनी मीटिंग तक कैंसिल कर दी और चीन से सीधे हजारीबाग पहुंच गए।
करीब तीन दशक बाद हुए इस मिलन में कई ऐसे पल आए, जब शिक्षक और विद्यार्थी एक-दूसरे को देखकर भावुक हो गए।
यह समारोह सिर्फ एक पुनर्मिलन नहीं था, बल्कि इस बात की खूबसूरत मिसाल भी बना कि समय बदल सकता है, उम्र बढ़ सकती है और रास्ते अलग हो सकते हैं… लेकिन गुरु और शिष्य के बीच सम्मान और अपनत्व का रिश्ता कभी खत्म नहीं होता।
शिक्षक दिवस पर हुआ यह गुरु-शिष्य मिलन, संस्कार और भारतीय गुरु परंपरा की एक यादगार तस्वीर बनकर सामने आया।
